DBMS Relationship | Types of Relationship – in hindi | DBMS में रिलेशनशिप और उसके प्रकार

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Types of Relationship

MS Access – DBMS Relationship and its Types in hindi | DCA / PGDCA 1st Sem

MS Access – DBMS Relationship / Types of Relationship LEC2 : इस पोस्ट के माध्यम से MS Access – DBMS Relationship , Setting up Relationship : Define Relationship and Add a Relationship को समझाया है यह Subject विशेषकर PGDCA , DCA में पढ़ाया जाता है –  relationship in dbms, relationship in dbms in hindi, relationship in dbms with example, relationship and its types,ms access notes in hindi, dca/pgdca notes के बारे में बताया गया है तो आइये पढ़ते है |

Setting up Relationship :

  • डाटाबेस में एक से अधिक Tables में Data रखा जाता है, यह सभी Table परस्पर रूप से किसी अन्य Table से सम्बन्ध बनाकर रखी जाती है, जिसे Relation कहते हैं।
  • किसी भी table के Data का उपयोग जब किसी अन्य Table के डाटा के साथ किया जाता है, तब इसे Relation कहते हैं।
  • Relation बनाने के लिए यह आवश्यक है की दोनों Tables में कम से कम एक Field समान हो, जो दोनों के डाटा को पहचान देती हो।

Define Relationship / Add a Relationship :

इसे समझाने के लिए उदहारण के रूप में हम किसी विद्यार्थी के डाटा को रखने के लिए बनाया गया Data Base लेते हैं।

Table 1 :- Student_Master : इस Table में विद्यार्थी से सम्बंधित सामान्य जानकारी रखी जाती है।
Roll no, Student Name, Father Name, Mother Name, Address, DOB
Table 2 :- Result : इस टेबल में विद्यार्थी द्वारा प्राप्त किये गए Marks की जानकारी रखी गयी है –
Roll no, Marks Sub 1, Marks Sub2, Marks Sub 3, Marks Sub 4

उपरोक्त दोनों table में Roll no. एक समान Field है जिसके आधार पर विद्यार्थी की अंक सूचि बनायीं जा सकती है, जिसमे उसका नाम, पिता का नाम, माता का नाम आदि के साथ विषयों के अंक प्राप्त किये जा सकते हैं।

  • RDBMS में जब दो tables के बिच Relationship स्थापित की जाती है, तब Data एक दूसरे पर आधारित हो जाते हैं|
  • डाटा के बिच परस्पर एक सम्बन्ध बन जाता है ।
  • Relationship बनने के बाद Data अपने से सम्बंधित Data के साथ समूह में प्राप्त किये जा सकते है,
  • इस कारण से Data के बिच एक से अधिक प्रकार से Relationship बनती है।

Types Of Relationship :

  1. One To One
  2. One To Many
  3. Many To One
  4. Many To Many

One To One Relationship :

  • इस में एक टेबल की एक Row दूसरी टेबल की भी केवल एक Row से संपर्क बनाएगी ।
  • A Table की प्रत्येक Row में से एक Row के द्वारा Table B की किसी एक Row से ही Relationship बनायीं जायेगी।
  • 1 to 1 रिलेशनशिप में दोनों ही टेबल में Row की संख्या सामान रहेगी ।

One To Many Relationship :

  • इस में एक टेबल की एक Row दूसरी टेबल की एक से अधिक Row के साथ संपर्क बना सकती है।
  • A Table की प्रत्येक Row में से एक Row के द्वारा Table B की एक या एक से अधिक Row से Relationship बनायीं जा सकती है ।
  • 1 to M रिलेशनशिप में Table A में Row की संख्या हमेशा Table B से कम रहेगी ।

Many To One Relationship :

  • इस में एक टेबल की एक या एक से अधिक Row दूसरी टेबल की केवल एक Row के साथ ही संपर्क बना सकती है।
  • Table A की एक से अधिक Row के द्वारा Table B की एक ही Row से Relationship बनायीं जा सकती है।
  • M to 1 रिलेशनशिप में Table A में Row की संख्या हमेशा Table B से अधिक रहेगी ।

Many To Many Relationship :

  • इसमें एक टेबल की एक या एक से अधिक Row दूसरी टेबल की एक या एक से अधिक Row के साथ संपर्क बना सकती है।
  • Table A की एक से अधिक Row के द्वारा Table B की एक या एक से अधिक Row से Relationship बनायीं जा सकती है।
  • M To M रिलेशनशिप में Table A में Row की संख्या हमेशा Table B से अधिक रहेगी ।

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